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माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं की सृजनात्मकता का एक अध्ययन

Sushma Jyoti,डॉ. बन्दना कुमारी

2025 · DOI: 10.36948/ijfmr.2025.v07i04.49435
International Journal For Multidisciplinary Research · 引用数 0

摘要

सृजनात्मकता का अभिप्राय नवीनता या मौलिकता से है, यह नवीन वस्तु एवं वांछित वस्तु के उत्पादन करती है | सृजनात्मकता एक मानसिक संक्रिया है जो भौतिक परिवर्तनों को जन्म देती है । सृजनात्मक में समस्या समाधान, मौलिकता, खोजपराकता, लचीलापन, नवीनता, प्रवाह, कल्पना, लेखन, रचना, संगीत, चित्रकला आदि का गुण पाया जाता है | प्रस्तुत शोध पत्र में माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं की सृजनात्मकता का अध्ययन किया गया है | अध्ययन के लिए ‘प्रतिदर्श सर्वेक्षण विधि का प्रयोग किया गया है | इस हेतु शोधकर्त्री के द्वारा पटना जिले के कुल 100 छात्र-छात्राओं को यादृच्छिक प्रतिदर्श प्रतिचयन विधि से प्रतिदर्श के रूप में चयन किया गया, जिसमें 68 छात्र एवं 52 छात्राओं को चयनित किया गया है | अध्ययन के उद्देश्य माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं की सृजनात्मक शक्ति का स्तर ज्ञात करना तथा लिंग एवं विद्यालय के प्रकार के आधार पर माध्यमिक विद्यालय के छात्र–छात्राओं की सृजनात्मक शक्ति में सार्थक अन्तर ज्ञात करना है | शोधकर्त्री ने के द्वारा सृजनात्मक क्षमता को मापने के लिए Dr. V.K. Kumar और Dr. E.R. Holman के द्वारा मानकीकृत उपकरण का प्रयोग किया गया है | प्रदत्तों के सांख्यकीय विश्लेषण हेतु शोधकर्त्री द्वारा प्रतिशत, माध्य, मानकविचलन और टी-अनुपात का प्रयोग किया गया है, इसके लिए M.S. EXEL तथा SPSS साफ्टवेयर का सहारा लिया गया है | अध्ययन के निष्कर्ष के रूप में लिंग के अनुसार माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं की सृजनात्मक शक्ति में कोई सार्थक अंतर नहीं है | लेकिन विद्यालय के प्रकार के आधार पर माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं की सृजनात्मक शक्ति में सार्थक अंतर पाया गया है |